जीवन में अगर आपको सफल होना है तो आप के अंदर लगन समर्पण और एकाग्रता होनी चाहिए क्योकि सफलता की राह में कठिनाइयां बहुत आएगी और वही सफल होगा जिसके पास ये शस्त्र होंगे
शायद ये कुछ ज्यादा होगा मई इसे सरल ढंग से बताता हूँ
पुराने समय में ऋषि मुनि हुआ करते जो ईश्वर, ज्ञान की प्राप्ति के लिए सालो कठोर तपस्या करते थे पर उनकी इस तपस्या और ज्ञान प्राप्ति के बीच बहुत कठिनाइयां आती थी जैसे आपने टीबी सीरियलो में देखा होगा आधी, तूफान, आग, बरसात और अफ्सराये जो ऋषियों का ध्यान भंग करने की कोशिश करते थे।
जो ऋषि अपने मन को एकाग्र करते हुए पूरे लगन से सच्चे मन से तपस्या करते उनकी तपस्या सफल हो जाती उन्हें ज्ञान मिल जाता था इसके उलट जिन ऋषियों का मन एकाग्र नही होता था मन भ्रमित होता था उनकी तपस्या भंग हो जाती वे असफल हो जाते।
ठीक यही प्रक्रिया आज भी दोहरायी जा रही है।
बस फर्क आज सिर्फ इतना है कि पात्र और कठिनाइयां बदल गयी है।
पात्र जहां ऋषि मुनि हुआ करते थे वहां पर आज का विद्यार्थी (छात्र) है और कठिनाइयां बहुत सी है आगे बताउगा।
आज का छात्र पढ़ाई करता है उसका कोई न कोई लक्ष्य होता है
कोई शिक्षक कोई I P S कोई कुछ और बनना चाहता है
एक तरफ से वह घनघोर तपस्या कर रहा है।
और उसकी इस मेहनत पढ़ाई और सफलता के बीच में बहुत सी कठिनाइयां आती है जैसे मोबाईल, वाट्सअप, फेसबुक, गलत दोस्त, गर्लफ्रेंड और जो काम उस समय की अप्सराये करती थी वह काम आज की गर्लफ्रेंड करती है ये सब उस छात्र की सफलता में बाधा उत्पन्न करती है और जो विद्यार्थी इन सब को इग्नोर करता है इन सब से दूर रहता है वही सफल होता है
वही अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है वही अपने सपने को पूरा करता है। इसके उलट जो लोग गलत कार्य करते है गलत संगत में रहते है उनका क्या हस्र होता है उसका उदाहरण आपके आस पास देखने को मिल जायेगा।
आगे आप की मर्जी
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